देपालपुर थाने में मजबूत फील्ड सब इंस्पेक्टर की कमी, स्थानांतरण के बाद बढ़ा थाना प्रभारी पर कार्यभार
संदीप सेन – 9755161156
देपालपुर। इंदौर ग्रामीण पुलिस के देपालपुर थाने में सब इंस्पेक्टर स्तर पर फील्ड अनुभव वाले अधिकारी की कमी महसूस की जा रही है। हाल ही में देपालपुर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह संगर का स्थानांतरण चंद्रावतीगंज थाना कर दिया गया है। उनके स्थानांतरण के बाद थाना प्रभारी पर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना एवं अन्य फील्ड कार्यों का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
इसी क्रम में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) कार्यालय, देपालपुर में पदस्थ रहे सब इंस्पेक्टर तुकाराम वर्मा का स्थानांतरण पुलिस थाना देपालपुर कर दिया गया है। तुकाराम वर्मा को कार्यालयीन कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में दक्ष अधिकारी माना जाता है, लेकिन पुलिस महकमे में यह चर्चा है कि देपालपुर जैसे संवेदनशील थाना क्षेत्र के लिए एक अनुभवी एवं फील्ड में सक्रिय सब इंस्पेक्टर की आवश्यकता बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरित सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह संगर जल्द ही इंदौर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेंद्र वर्मा से मुलाकात कर अपने स्थानांतरण आदेश में संशोधन का अनुरोध कर सकते हैं। चर्चा है कि वे चंद्रावतीगंज के स्थान पर किशनगंज थाना में पदस्थापना की मांग करेंगे।
स्थानीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि यदि देपालपुर थाने में फील्ड अनुभव वाले सब इंस्पेक्टर की शीघ्र तैनाती नहीं होती है, तो थाना प्रभारी पर बढ़ते कार्यभार का असर पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था के संचालन पर पड़ सकता है।
वर्षों पुरानी जलभराव समस्या का हुआ समाधान, प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण
संदीप सेन – 9755161156
देपालपुर। देपालपुर जनपद पंचायत के ग्राम जलोदिया स्थित पंथ टावर वाली गली में वर्षों से बनी हुई जलभराव की गंभीर समस्या का मंगलवार को प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से स्थायी समाधान किया गया। जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती पूजा मालाकार की मौजूदगी में विवादित स्थल पर अतिक्रमण हटाकर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से पुलिस प्रशासन की ओर से सहायक उप निरीक्षक दिनेश परमार, प्रधान आरक्षक संजय पटेल, ग्राम पंचायत जलोदिया के सरपंच बलदेव पटेल, उपयंत्री शुभम सराफ तथा बीसी मौसम कुशवाह सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती पूजा मालाकार सुबह से लेकर कार्रवाई पूर्ण होने तक मौके पर मौजूद रहीं। जेसीबी मशीन की सहायता से विवादित भूमि से अतिक्रमण हटाया गया तथा जल निकासी को सुचारु बनाने के लिए जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) मटेरियल डाला गया। इसके बाद वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या का प्रभावी निराकरण किया गया।ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि अब बरसात के दौरान क्षेत्र में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
जन्मदिन के अगले ही दिन मासूम सृष्टि की दर्दनाक मौत, रसोई में लगी आग से मां भी झुलसी
कुनगारा गांव में हादसे से मातम, मूक-बधिर मां ने वीडियो कॉल कर परिजनों को दी सूचना
संदीप सेन – 9755161156
देपालपुर। क्षेत्र के ग्राम कुनगारा में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। जिस परिवार में रविवार को दो वर्षीय मासूम सृष्टि का जन्मदिन हंसी-खुशी और उत्साह के साथ मनाया गया था, वहीं अगले ही दिन सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। रसोई में खाना बनाते समय आग लगने से मां और बेटी गंभीर रूप से झुलस गए। उपचार के दौरान मासूम सृष्टि ने दम तोड़ दिया, जबकि उसकी मां काजल का अस्पताल में इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह काजल घर की रसोई में भोजन बना रही थीं। इसी दौरान अचानक उनकी साड़ी में आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी और पास में मौजूद उनकी दो वर्षीय बेटी सृष्टि भी उसकी चपेट में आ गई। देखते ही देखते दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।

बताया गया है कि काजल मूक-बधिर हैं, जिसके कारण वह मदद के लिए आवाज नहीं लगा सकीं। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने मोबाइल से खेत में काम कर रहे परिजनों को वीडियो कॉल किया और घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन तत्काल घर पहुंचे और मां-बेटी को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों का उपचार शुरू किया, लेकिन मासूम सृष्टि की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं काजल का उपचार जारी है और चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे कुनगारा गांव में शोक का माहौल है। रविवार को जिस मासूम का जन्मदिन परिवार और रिश्तेदारों ने खुशियों के साथ मनाया था, उसके अगले ही दिन उसकी असामयिक मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गांव में घटना की चर्चा के साथ परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद और झकझोर देने वाला है।
निरीक्षण से पहले ही ‘इंस्पेक्शन मोड’ ऑन, डीआईजी के आने की खबर मिलते ही सेक्टर नंबर-1 थाना चमकाने में जुटी पुलिस
पीथमपुर, जीवन डोडिया। इंदौर ग्रामीण डीआईजी मनोज कुमार सिंह मंगलवार को पीथमपुर स्थित सेक्टर नंबर-1 थाने का औपचारिक औचक निरीक्षण करेंगे। हालांकि निरीक्षण से पहले ही पूरे थाने में तैयारियों का दौर तेज हो गया है। डीआईजी के दौरे की सूचना मिलते ही थाना परिसर में साफ-सफाई, रिकॉर्ड दुरुस्त करने, लंबित प्रकरणों के निराकरण, मालखाने की व्यवस्था और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निपटारे जैसे काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं।
पुलिस विभाग में आमतौर पर वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण को बेहद गोपनीय रखा जाता है, ताकि थानों की वास्तविक कार्यप्रणाली सामने आ सके। लेकिन इंदौर ग्रामीण डीआईजी मनोज कुमार सिंह के निरीक्षण की खास बात यह मानी जाती है कि उनके दौरे की जानकारी पहले ही पुलिस अमले तक पहुंच जाती है। इसका असर यह होता है कि जिन फाइलों पर लंबे समय से धूल जमी होती है, वे अचानक टेबल पर आ जाती हैं। अधूरे रिकॉर्ड पूरे होने लगते हैं, लंबित मामलों में तेजी दिखाई देने लगती है और थाना परिसर भी नए रंग-रूप में नजर आने लगता है।

सूत्रों के मुताबिक सेक्टर नंबर-1 थाने में इन दिनों हर शाखा को व्यवस्थित करने का काम चल रहा है। बीट रजिस्टरों से लेकर अपराध रजिस्टर तक अपडेट किए जा रहे हैं। मालखाने की वस्तुओं का मिलान किया जा रहा है, लंबित विवेचनाओं की समीक्षा हो रही है और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाई जा रही है। थाना परिसर की साफ-सफाई के लिए भी विशेष अभियान चलाया गया है, ताकि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी सामने न आए।
पुलिस महकमे में यह चर्चा भी है कि डीआईजी के निरीक्षण से पहले पूरे स्टाफ की सक्रियता अचानक कई गुना बढ़ जाती है। निरीक्षण को लेकर थाना प्रभारी से लेकर बीट प्रभारी तक अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यही वजह है कि निरीक्षण से पहले पूरे थाने का माहौल किसी अभियान से कम दिखाई नहीं देता।
कहने वाले तो यह भी कहते हैं कि यदि हर दिन निरीक्षण की संभावना बनी रहे, तो शायद रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रहें, लंबित प्रकरण समय पर निपटें और थाना परिसर भी हमेशा व्यवस्थित दिखाई दे। फिलहाल मंगलवार को होने वाले निरीक्षण पर सभी की निगाहें टिकी हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि डीआईजी को तैयारियों के बीच कोई कमी नजर आती है या फिर पूरा थाना उनकी कसौटी पर खरा उतरता है।
महू क्षेत्र में आबकारी विभाग की कार्रवाई, 5,400 किलो महुआ लहान नष्ट, 235 लीटर कच्ची शराब जब्त
11 स्थानों पर दबिश, 8 प्रकरण दर्ज, जब्त सामग्री की कीमत करीब 5.87 लाख रुपए
महू। कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश तथा सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के निर्देशन में नशा मुक्ति अभियान के तहत सोमवार को आबकारी विभाग ने महू क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की। अभियान के दौरान भौंडिया तालाब, बंजारी, भाटखेड़ी सहित विभिन्न स्थानों पर एक साथ दबिश देकर अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर कार्रवाई की गई।
नियंत्रण कक्ष प्रभारी देवेश चतुर्वेदी एवं उप प्रभारी मनोज अग्रवाल के मार्गदर्शन में सहायक जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र जोशी, जहांगीर खान और पवन टिकेकर के नेतृत्व में गठित टीम ने कुल 11 स्थानों पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) एवं 34(एफ) के तहत 8 प्रकरण दर्ज किए गए।
कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग ने 235 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब जब्त की। साथ ही 5,400 किलोग्राम महुआ लहान का नमूना लेकर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जब्त शराब, महुआ लहान एवं अन्य सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 5 लाख 87 हजार रुपए बताया गया है।
कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक सुनील मालवीय, मीना माल, मीरा सिंह, आशीष जैन, त्रिअंबिका शर्मा, कृतिका द्विवेदी एवं जया मुजाल्दे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं आबकारी आरक्षक ओमप्रकाश साहू, ओमप्रकाश राठौर, मुकेश रावत, मिर्ज़ा उस्मान बैग, ऐलन बघेल, हेमा धुर्वे, कैलाश अखाड़े तथा आबकारी आरक्षक कमलेश निहोरे, विवेक कनाडे, बबलू सिसोदिया, विजय सोलंकी, मुकेश चौहान, कुलदीप चौहान, विकास मंडलोई, शुभम गोड़ सहित अन्य कर्मचारियों ने कार्रवाई को सफल बनाया।
तहसीलदार के आदेश को एक साल, फिर भी बरकरार अतिक्रमण; पीथमपुर राजस्व प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
रंगीला प्रदेश। जीवन डोडिया 9926084685
पीथमपुर (धार)। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को त्वरित न्याय और राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन धार जिले के पीथमपुर तहसील का एक मामला इन दावों की हकीकत सामने ला रहा है। तहसीलदार न्यायालय द्वारा पारित आदेश को एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद संबंधित भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब न्यायालय के आदेश का ही पालन नहीं हो पा रहा, तो आम किसान को न्याय कैसे मिलेगा? प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक वर्ष तक प्रशासन करता क्या रहा? यदि अतिक्रमण हटाने में पुलिस बल की आवश्यकता थी तो समय रहते पुलिस की मांग क्यों नहीं की गई? यदि वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी थी तो उसे एक वर्ष में भी क्यों नहीं किया जा सका? इन सवालों के जवाब प्रशासन के पास फिलहाल दिखाई नहीं दे रहे हैं।

मामले में पीथमपुर के आरआई दिलीप शाकल्य का कहना है कि, तहसीलदार मैडम से बात करता हूं, नगर पालिका से भी महिला की वैकल्पिक रहने की व्यवस्था करवाते हैं। वहीं तहसीलदार शिवानी श्रीवास्तव का कहना है, कल-परसों ही आरआई और पटवारी को निर्देश दिए हैं कि मौके पर जाकर कब्जा हटाने की कार्रवाई करें। बिना पुलिस बल के कार्रवाई संभव नहीं है। हालांकि इन बयानों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। सवाल यह है कि यदि कार्रवाई के लिए पुलिस बल और वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत थी, तो पिछले एक वर्ष में यह प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई? आखिर अब जाकर निर्देश देने की नौबत क्यों आई? धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना लगातार राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और न्यायालयीन आदेशों के समयबद्ध पालन के निर्देश देते रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी सुशासन और किसानों को त्वरित न्याय देने की बात करते रहे हैं। इसके बावजूद पीथमपुर तहसील में एक आदेश का वर्षों तक पालन नहीं होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यह मामला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि न्यायालयीन आदेश की गरिमा और किसान के वैधानिक अधिकार का है। यदि प्रशासन अपने ही न्यायालय के आदेश को लागू नहीं करा पा रहा है, तो यह शासन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है। सूत्रों के अनुसार यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो आवेदक हाईकोर्ट के अधिवक्ता के साथ इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े से मुलाकात कर पूरे मामले की दस्तावेजों सहित शिकायत प्रस्तुत करेगा। शिकायत में आदेश के बावजूद एक वर्ष तक कार्रवाई नहीं होने, संबंधित अधिकारियों की भूमिका तथा प्रशासनिक लापरवाही की जांच की मांग की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पीथमपुर प्रशासन इस बार वास्तव में न्यायालयीन आदेश का पालन कर किसान को उसका अधिकार दिलाएगा, या फिर आश्वासनों और बैठकों का सिलसिला ही चलता रहेगा?
धार में आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन: अवैध शराब के अड्डों पर ताबड़तोड़ दबिश, 4,500 किलो महुआ लहान और 450 लीटर हाथभट्टी शराब जब्त
रंगीला प्रदेश – जीवन डोडिया 9926084685
धार। जिले में अवैध शराब के निर्माण और कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान लगातार सख्ती के साथ जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को वृत्त सागौर क्षेत्र में विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हाथभट्टी मदिरा के अड्डों पर एक साथ ताबड़तोड़ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान शराब निर्माण में प्रयुक्त चलित भट्टियों को मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया तथा भारी मात्रा में महुआ लहान और अवैध शराब जब्त की गई। इस अभियान में कुल सात प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
यह कार्रवाई कलेक्टर राजीव रंजन मीना के निर्देशानुसार तथा सहायक आबकारी आयुक्त दीपक अवस्थी के मार्गदर्शन में संचालित विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान का नेतृत्व सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रशांत मंडलोई एवं दिनेश उदैनिया ने किया।
आबकारी विभाग की टीम ने वृत्त सागौर के भौंडिया तालाब-खदान किनारे, ग्राम खेड़ा, जामोदी, सतनाला सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। विभागीय टीम को देखकर अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कई स्थानों पर शराब निर्माण के लिए तैयार की जा रही सामग्री और चलित भट्टियां मिलीं, जिन्हें तत्काल नष्ट कर दिया गया ताकि दोबारा इनका उपयोग न किया जा सके।
कार्रवाई के दौरान टीम ने 4,500 किलो महुआ लहान तथा 450 लीटर हाथभट्टी मदिरा जब्त की। जब्त की गई सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य 5 लाख 22 हजार रुपए बताया गया है। विभाग ने सभी मामलों में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन, संग्रहण एवं विक्रय के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध गतिविधियों की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य जिले में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाना तथा कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रशांत मंडलोई, दिनेश उदैनिया, नीलेश नेमा एवं शालिनी सिंह के साथ आबकारी उपनिरीक्षक मुनेंद्र सिंह जादौन, राजकुमार शुक्ला, अविनाश भूरिया, संग्राम सिंह गोरे, अश्विनी रोजड़े, जितेंद्र राठौर सहित आबकारी वृत्त सागौर, धार, सरदारपुर, बदनावर-बी एवं धरमपुरी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग ने अभियान को आगे भी और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रखने की बात कही है।
स्वाधीनता दिवस पर सांवेर को बड़ी सौगात: 25 नए मार्गों पर दौड़ेंगी 85 सिटी बसें
मंत्री तुलसीराम सिलावट ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन और बस स्टॉप भी बनेंगे
सांवेर। सांवेर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को इस स्वाधीनता दिवस पर बेहतर और आधुनिक लोक परिवहन की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। आगामी 15 अगस्त से क्षेत्र में 25 नए मार्गों पर 85 नई सिटी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही ई-बसों के संचालन को सुगम बनाने के लिए चार्जिंग स्टेशन एवं नए बस स्टॉप भी विकसित किए जाएंगे।
यह निर्णय जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड के सचिव अर्थ जैन, सहायक सचिव संदीप त्रिवेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि सांवेर विधानसभा के नागरिकों को सुगम, सुरक्षित और सुलभ परिवहन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। नई बसों के संचालन से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा, यात्रियों का समय बचेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

नई बस सेवाएं सांवेर–चन्द्रावतीगंज, कांकरिया बोर्डिया–सांवेर, पालिया–चन्द्रावतीगंज, शिप्रा–रेलवे स्टेशन, शिप्रा–सांवेर, खुड़ैल–बस स्टैंड, नवलखा–शिवनी, रेलवे स्टेशन–पेडमी, देव गुराड़िया–डबल चौकी, बसंद्रा, अजनोद, कछलिया सहित 25 से अधिक नए मार्गों पर संचालित होंगी।
मंत्री श्री सिलावट ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण की जाएं, ताकि 15 अगस्त से बसों का संचालन निर्धारित समय पर शुरू हो सके। उन्होंने ई-बसों के लिए पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन एवं यात्रियों की सुविधा के अनुरूप आधुनिक बस स्टॉप विकसित करने पर भी जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में सांवेर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर 40 सिटी बसें, जिनमें इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं, संचालित हो रही हैं। नई बसों के जुड़ने से क्षेत्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं सुविधाजनक होगी।
