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अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, शिकायतों का त्वरित निराकरण पुलिस की प्राथमिकता

डीआईजी मनोज सिंह ने ली इंदौर ग्रामीण पुलिस की अपराध समीक्षा बैठक, लंबित मामलों और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा

इंदौर। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ आमजन की शिकायतों का समय पर और संवेदनशीलता के साथ निराकरण पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद से ही अपराध नियंत्रण और मजबूत कानून-व्यवस्था की नींव तैयार होती है। यह बात पुलिस उप महानिरीक्षक, इंदौर रेंज मनोज सिंह ने इंदौर ग्रामीण पुलिस की अपराध समीक्षा बैठक के दौरान कही।

बैठक में जिले की अपराध स्थिति, गंभीर एवं चिन्हित अपराधों, पुराने लंबित प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन, जनशिकायतों और आगामी त्योहारों को लेकर कानून-व्यवस्था की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक इंदौर ग्रामीण राजेंद्र कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकृष्ण, उप पुलिस अधीक्षक उमाकांत, महू, देपालपुर एवं सांवेर के एसडीओपी सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

लंबित अपराधों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा के दौरान डीआईजी ने थाना और अनुभागवार गंभीर अपराधों, चिन्हित अपराधों तथा लंबे समय से लंबित मामलों की स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की विवेचना में तेजी लाने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

हर शिकायत को गंभीरता से सुने पुलिस

डीआईजी ने सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त जनशिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आमजन की प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया जाए। शिकायतकर्ता की समस्या को धैर्यपूर्वक सुनने के साथ उसका विधिसम्मत निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। पुलिस सहायता की जरूरत होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन के साथ मृदु और सहयोगात्मक व्यवहार रखने की बात कही। डीआईजी ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और जवाबदेही जितनी मजबूत होगी, जनता का पुलिस पर विश्वास भी उतना ही बढ़ेगा।

त्योहारों को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश

बैठक में आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, पुलिस बल की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट को लेकर अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली गई। डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों और अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस का रिस्पॉन्स समय पर और प्रभावी रहे, इस पर भी विशेष जोर दिया गया।

जनता का विश्वास मजबूत करने पर जोर

बैठक के अंत में डीआईजी मनोज सिंह ने अधिकारियों से कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस की जिम्मेदारी जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करना भी है। इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना के साथ काम करें। लंबित अपराधों और शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के साथ आगामी त्योहारों में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरती जाए।

खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई, इंदौर के दो प्रतिष्ठानों के बार लाइसेंस निलंबित

इंदौर। खाद्य सुरक्षा मानकों और जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए इंदौर के दो प्रतिष्ठानों के बार लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी आशीष सिंह के निर्देश पर की गई कार्रवाई के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों में बार संचालन पर रोक लग गई है।

जांच के लिए गठित संयुक्त दल ने 21 अगस्त को विजय नगर क्षेत्र स्थित होटल जॉन-2 के कैस्ट्रो बार के खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा खाद्य सुरक्षा प्रशासन, जिला इंदौर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित शुक्ला एवं सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र मेहरा के साथ निरीक्षण किया। इसी दौरान लसूड़िया क्षेत्र स्थित होटल सयाजी के कैस्ट्रो बार एवं होटल सायाजी इंदौर के परिसर में संचालित मेसर्स सहारा फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर लोक स्वास्थ्य के हित में संबंधित बार लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।

जांच में सामने आईं अनियमितताएं

आबकारी विभाग के अनुसार, बार अनुज्ञप्तिधारी प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत वैध खाद्य अनुज्ञप्ति होना अनिवार्य है। जांच के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद आबकारी विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बार लाइसेंस निलंबित किए। मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 31(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने 22 अगस्त को आदेश जारी किए।

दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

जारी आदेश के अनुसार मेसर्स साजिया होटल्स (इंदौर) लिमिटेड को जारी होटल बार अनुज्ञप्ति क्रमांक 22/2022/0057 तथा मेसर्स सहारा फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड को जारी रेस्टोरेंट बार अनुज्ञप्ति क्रमांक 22/2022/0103 निलंबित की गई हैं।

दोनों प्रतिष्ठानों की संबंधित बार अनुज्ञप्तियां जांच पूरी होने तक अथवा 31 मार्च 2027, इनमें से जो भी पहले हो, उस अवधि तक निलंबित रहेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बार अनुज्ञप्ति की शर्तों और निर्धारित वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने जनस्वास्थ्य और आबकारी नियमों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है।

हेरिटेज ट्रेन में सफर का रोमांच, सैलानियों ने कहा- यादगार रहा पूरा सफर

महू। मानसून में पातालपानी-कालाकुंड की हसीन वादियों को करीब से देखने का मौका मिला तो शनिवार को सैकड़ों सैलानी हेरिटेज ट्रेन में सवार हो गए। किसी ने परिवार के साथ इस सफर को यादगार बनाया तो कोई पहाड़ों, झरनों और हरियाली के बीच गुजरती ट्रेन के नजारे कैमरे में कैद करता नजर आया। प्रदेश की एकमात्र हेरिटेज ट्रेन के शुरू होते ही पहले दिन सैलानियों में ऐसा उत्साह दिखा कि पूरी ट्रेन खचाखच भरी रही। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, राजस्थान और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे पर्यटकों के लिए यह सिर्फ ट्रेन का सफर नहीं, बल्कि मानसून में प्रकृति के बीच बिताया गया पूरा दिन रहा।

शनिवार सुबह 11.05 बजे पातालपानी से ट्रेन कालाकुंड के लिए रवाना हुई। धीमी रफ्तार में पहाड़ी मोड़ों और हरियाली के बीच आगे बढ़ती ट्रेन के साथ सैलानी लगातार फोटो और वीडियो बनाते रहे। दोपहर 1.05 बजे कालाकुंड पहुंचने के बाद सैलानियों ने आसपास की प्राकृतिक वादियों में समय बिताया। करीब ढाई घंटे बाद 3.34 बजे ट्रेन वापस पातालपानी के लिए रवाना हुई और शाम 4.30 बजे पहुंची।

20 सितंबर तक बुकिंग फुल, सैलानियों में जबरदस्त क्रेज

हेरिटेज ट्रेन के प्रति सैलानियों की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आगामी 20 सितंबर तक सीटों की बुकिंग फुल हो चुकी है। एसी चेयर कार की 120 और नॉन एसी चेयर कार की 336 सीटें बुक हैं। कई सैलानियों ने आने-जाने दोनों ओर के टिकट पहले से बुक कर रखे हैं। एसी चेयर कार का एक तरफ का किराया 265 रुपए और नॉन एसी चेयर कार का किराया 20 रुपए है। फिलहाल ट्रेन शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित की जा रही है।

साढ़े छह घंटे में सफर, प्रकृति और पिकनिक का आनंद

सैलानियों के लिए इस सफर की सबसे खास बात ट्रेन की धीमी रफ्तार है। इसी वजह से पहाड़, घाटियां, घुमावदार ट्रैक और मानसून की हरियाली को निहारने का पूरा समय मिलता है। पातालपानी और कालाकुंड में ट्रेन के रुकने के दौरान परिवारों ने आसपास घूमकर फोटो खिंचवाए और पिकनिक का आनंद लिया। कई सैलानी बच्चों के साथ पहुंचे थे, जिनके लिए ट्रेन की यात्रा किसी रोमांचक अनुभव से कम नहीं रही।

दूर-दूर से पहुंचे पर्यटक

हेरिटेज ट्रेन में शनिवार को सिर्फ इंदौर और आसपास के ही नहीं, बल्कि ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, देवास, राजस्थान और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से भी सैलानी पहुंचे। बेंगलुरु से इंदौर घूमने आया एक परिवार भी हेरिटेज ट्रेन के सफर का हिस्सा बना। दूर-दराज से आए पर्यटकों ने पातालपानी-कालाकुंड की वादियों को नजदीक से देखा और अपने सफर की यादें कैमरे में कैद कीं।

शुक्रवार शाम टिकट बुक किया, शनिवार को परिवार के साथ पहुंच गए

वेनु गोपाल

उत्तर प्रदेश से परिवार आया हुआ था। हम कहीं घूमने का प्लान बना रहे थे। इसी बीच हेरिटेज ट्रेन के शनिवार से शुरू होने की जानकारी मिली। शुक्रवार शाम 4 बजे टिकट बुक किया और शनिवार को परिवार के साथ सफर पर आ गए। ट्रेन का सफर यादगार रहेगा। रास्ते में कई बेहद मिलनसार यात्री भी मिले।

पिछले साल टिकट नहीं मिला, इस बार मौका नहीं छोड़ा

नितिका गुप्ता

बुकिंग शुरू होते ही हमने टिकट बुक कर लिए थे। मैं और मेरा परिवार पहली बार इस ट्रेन में सफर कर रहे हैं। पिछले साल भी हेरिटेज ट्रेन में सफर करने का प्रयास किया था, लेकिन टिकट नहीं मिल पाए थे। इस बार हसीन वादियों के बीच सफर करने का मौका मिला। परिवार के साथ बिताया यह समय हमेशा याद रहेगा।

सोशल मीडिया से मिली जानकारी, तुरंत बुक कर ली सीट

सुगंध

मुझे सोशल मीडिया के माध्यम से हेरिटेज ट्रेन के शुरू होने की जानकारी मिली। मुझे घूमना पसंद है, इसलिए मैंने ऑनलाइन सीट बुक की। पहली बार हेरिटेज ट्रेन में सफर किया। पातालपानी और कालाकुंड की हसीन वादियों को ट्रेन से देखने का अनुभव बेहद खूबसूरत रहा।

15 अगस्त पर पकड़ा शराब का जखीरा, 598.8 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त

महू। 15 अगस्त को शुष्क दिवस के दौरान महू आबकारी विभाग ने अवैध शराब के विक्रय एवं संग्रह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2.75 लाख रुपए कीमत की 598.8 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेशानुसार एवं सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में, कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल एवं सहायकआयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में की गई।

आबकारी अमले को महू क्षेत्र में अवैध शराब के संग्रह एवं बिक्री की जानकारी मिलने के बाद टीम ने शांति पैराडाइज कॉलोनी स्थित एक रिहायशी मकान पर दबिश दी। यहां से दीपक राठौर के कब्जे से अवैध शराब बरामद की गई। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर टीम ने क्षेत्र के एक ढाबे पर भी दबिश दी, जहां से भी अवैध शराब बरामद की गई।

कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग ने कुल 598.8 बल्क लीटर शराब जब्त की। इसमें देशी शराब की 12 पेटी, बीयर की 36 पेटी तथा अंग्रेजी स्पिरिट की 14 पेटी शामिल हैं। विभाग के अनुसार जब्त शराब की कुल अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 75 हजार रुपए है।

आबकारी विभाग ने आरोपी की पहचान दीपक पिता घनश्याम राठौर, निवासी बड़वानी, हाल मुकाम महू के रूप में की है। उसके खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण आबकारी वृत्त महू ‘अ’ में दर्ज किया गया है। प्रकरण का पंजीयन आबकारी वृत्त महू ‘अ’ प्रभारी हरेंद्र सिंह घुरैया द्वारा किया गया।

कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी गणपत सिंह धुन्ध, पवन टिकेकर एवं निधि शर्मा शामिल रहे। वहीं मुख्य आरक्षक ओमप्रकाश राठौर, आरक्षक कमलेश निहोरे, रीना भिड़े, हेमलता धुर्वे एवं विवेक कराड़े ने भी कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 का महू के अम्बाचंदन से शुभारंभ, अधिकारियों ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

महू, 7 अगस्त। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 का शुक्रवार को महू जनपद पंचायत के ग्राम अम्बाचंदन से विधिवत शुभारंभ हुआ। अभियान का उद्देश्य शासन-प्रशासन की पहुंच आम नागरिकों तक और अधिक प्रभावी बनाना, क्षेत्र भ्रमण के माध्यम से समस्याओं का मौके पर निराकरण करना, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा लोक सेवाओं का समय-सीमा में प्रदाय सुनिश्चित करना है।

अभियान के शुभारंभ अवसर पर संभागायुक्त भास्कर लक्षकार, कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति, विधायक उषा ठाकुर, महू एसडीएम राकेश परमार, अपर तहसीलदार यशदीप रावत, तहसीलदार विवेक सोनी सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान पुलिस, स्वास्थ्य, एमपीईबी, पीडब्ल्यूडी, खाद्य, शिक्षा सहित अन्य विभागों ने भी शिविर में भाग लिया।

शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनके त्वरित निराकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदनों एवं शिकायतों का मौके पर निराकरण करने के निर्देश दिए। जिन मामलों का समाधान जिला स्तर पर संभव नहीं होगा अथवा जिनमें राज्य स्तर पर निर्णय, नीति, बजट या तकनीकी स्वीकृति की आवश्यकता होगी, उन्हें संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से निराकृत कराया जाएगा। अभियान के तहत सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की भी विशेष समीक्षा की जा रही है, ताकि आमजन को समय पर राहत मिल सके।

विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से किया संवाद

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत संभागायुक्त भास्कर लक्षकार एवं कलेक्टर शिवम वर्मा ने ग्राम अम्बाचंदन स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान वे विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, शैक्षणिक सुविधाओं तथा विद्यालय में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने शिक्षकों से शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, मूलभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय में बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं शिक्षा के स्तर में निरंतर सुधार लाने पर विशेष जोर दिया।

18 को कांकरिया में लगेगा शिविर
कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने अधीनस्थ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा निरीक्षण के लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखें। अभियान के दौरान विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थाओं, आंगनवाड़ी केंद्रों, लोक सेवा केंद्रों, पेयजल व्यवस्था एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का निरीक्षण कर सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन भी किया जाएगा। अभियान के तहत आगामी शिविर 18 सितंबर को जनपद पंचायत महू के कांकरिया संचालित किया जाएगा।

गुमशुदा युवक का शव तालावला में दफन मिला, शरीर पर चोट के निशान; दोस्तों पर हत्या का आरोप

महू। बड़गोंदा थाना क्षेत्र के ग्राम केलोद स्थित तालावला में बुधवार सुबह एक युवक का शव जमीन में दबा हुआ मिला। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान मिथुन उर्फ धर्मेन्द्र मालीवाड़ के रूप में हुई, जो 4 अगस्त की रात से लापता था। परिजनों ने 5 अगस्त को बड़गोंदा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

पुलिस के अनुसार शव पर चोट एवं खरोंच के निशान मिले हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी ललित सिंह सिकरवार एवं थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कराई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

भाई ने दोस्तों पर लगाया हत्या का आरोप
मृतक के छोटे भाई सचिन मालीवाड़ ने आरोप लगाया कि 4 अगस्त की रात धर्मेन्द्र को उसके दोस्तों का फोन आया था। दो दोस्त उसे घर से लेने आए थे, बाद में दो अन्य युवक भी उनके साथ जुड़ गए। सभी ने साथ बैठकर शराब पी, जिसके बाद अन्य युवक अपने-अपने घर लौट आए, लेकिन धर्मेन्द्र वापस घर नहीं पहुंचा। अगले दिन काफी तलाश के बाद 5 अगस्त की शाम बड़गोंदा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सचिन का आरोप है कि उसके भाई की हत्या कर शव को मिट्टी में दबा दिया गया। उसने मामले में शामिल दोस्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दो संदिग्धों से पूछताछ
थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले ने बताया कि गुमशुदगी दर्ज होने के अगले दिन युवक का शव बरामद हुआ है। शव पर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल पुलिस ने संदेह के आधार पर दो संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

सृजन संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ, महू में आयोजित हुई कार्यशाला

महू। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल एवं लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश के संयुक्त निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित “सृजन संवाद” कार्यक्रम का शुभारंभ इंदौर ग्रामीण जिले में पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज कृष्ण ने किया। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विद्यालय स्तर पर सफल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महू में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को भारतीय संविधान, बाल अधिकार, अपराध का सामान्य परिचय, पॉक्सो अधिनियम, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा नशे से दूरी है जरूरी अभियान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किए जाने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता, उत्तरदायी नागरिकता, सुरक्षा के प्रति सजगता तथा न्याय तक पहुंच के प्रति समझ विकसित करना और पुलिस व समाज के बीच विश्वास एवं संवाद को सुदृढ़ करना है।

कार्यशाला के दौरान संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी देते हुए विद्यालयों में “सृजन संवाद” कार्यक्रम के प्रभावी संचालन एवं अधिकतम विद्यार्थियों तक जागरूकता पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर पुलिस एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा शिक्षकों ने कार्यक्रम के सफल संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज कृष्ण, एसडीओपी महू ललित सिंह सिकरवार, थाना प्रभारी महू कोतवाली राहुल शर्मा, उपनिरीक्षक दीपक राठौर, मोहित तोमर, मिथुन ओसारी, महिला उपनिरीक्षक अलका सिंह, साइबर सेल से आरक्षक रवि तिवारी, आरक्षक रोहित, उत्कृष्ट विद्यालय की प्राचार्या सुनीता जैन, शिक्षक अतुल पुरोहित सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

RANGEELA PRADESH

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देपालपुर थाने में मजबूत फील्ड सब इंस्पेक्टर की कमी, स्थानांतरण के बाद बढ़ा थाना प्रभारी पर कार्यभार

संदीप सेन – 9755161156

देपालपुर। इंदौर ग्रामीण पुलिस के देपालपुर थाने में सब इंस्पेक्टर स्तर पर फील्ड अनुभव वाले अधिकारी की कमी महसूस की जा रही है। हाल ही में देपालपुर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह संगर का स्थानांतरण चंद्रावतीगंज थाना कर दिया गया है। उनके स्थानांतरण के बाद थाना प्रभारी पर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना एवं अन्य फील्ड कार्यों का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

इसी क्रम में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) कार्यालय, देपालपुर में पदस्थ रहे सब इंस्पेक्टर तुकाराम वर्मा का स्थानांतरण पुलिस थाना देपालपुर कर दिया गया है। तुकाराम वर्मा को कार्यालयीन कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में दक्ष अधिकारी माना जाता है, लेकिन पुलिस महकमे में यह चर्चा है कि देपालपुर जैसे संवेदनशील थाना क्षेत्र के लिए एक अनुभवी एवं फील्ड में सक्रिय सब इंस्पेक्टर की आवश्यकता बनी हुई है।

सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरित सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह संगर जल्द ही इंदौर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेंद्र वर्मा से मुलाकात कर अपने स्थानांतरण आदेश में संशोधन का अनुरोध कर सकते हैं। चर्चा है कि वे चंद्रावतीगंज के स्थान पर किशनगंज थाना में पदस्थापना की मांग करेंगे।

स्थानीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि यदि देपालपुर थाने में फील्ड अनुभव वाले सब इंस्पेक्टर की शीघ्र तैनाती नहीं होती है, तो थाना प्रभारी पर बढ़ते कार्यभार का असर पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था के संचालन पर पड़ सकता है।

वर्षों पुरानी जलभराव समस्या का हुआ समाधान, प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण

संदीप सेन – 9755161156

देपालपुर। देपालपुर जनपद पंचायत के ग्राम जलोदिया स्थित पंथ टावर वाली गली में वर्षों से बनी हुई जलभराव की गंभीर समस्या का मंगलवार को प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से स्थायी समाधान किया गया। जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती पूजा मालाकार की मौजूदगी में विवादित स्थल पर अतिक्रमण हटाकर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से पुलिस प्रशासन की ओर से सहायक उप निरीक्षक दिनेश परमार, प्रधान आरक्षक संजय पटेल, ग्राम पंचायत जलोदिया के सरपंच बलदेव पटेल, उपयंत्री शुभम सराफ तथा बीसी मौसम कुशवाह सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती पूजा मालाकार सुबह से लेकर कार्रवाई पूर्ण होने तक मौके पर मौजूद रहीं। जेसीबी मशीन की सहायता से विवादित भूमि से अतिक्रमण हटाया गया तथा जल निकासी को सुचारु बनाने के लिए जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) मटेरियल डाला गया। इसके बाद वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या का प्रभावी निराकरण किया गया।ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि अब बरसात के दौरान क्षेत्र में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।