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सड़क निर्माण की आड़ में निजी भूमि पर तकनीकी अराजकता, किसान के खेत में रातों-रात अवैध पाइपलाइन

लोक निर्माण विभाग की निगरानी विफल, ठेकेदार की मनमानी से किसान की जमीन पर अवैध हस्तक्षेप

रंगीला प्रदेश, देपालपुर जीवन डोडिया। तहसील में तकनीकी नियमों, विधिक प्रक्रियाओं और प्रशासनिक मानकों को ताक पर रखकर निजी भूमि पर अवैध पाइपलाइन बिछाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम चटवाड़ा, तहसील देपालपुर किसान दशरथ प्रजापत पिता तुलसीराम प्रजापत ने सड़क निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार सुरेश कुमार माली के विरुद्ध मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 32 के अंतर्गत तहसीलदार धर्मेंद्र चौकसे को विधिवत शिकायत आवेदन प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया है कि ग्राम चटवाड़ा से नेवरी रोड निर्माण परियोजना के दौरान दिनांक 01 फरवरी 2026 की रात्रि को बिना किसी शासकीय आदेश, बिना प्रशासनिक स्वीकृति, बिना तकनीकी अनुमति, बिना भूमि सीमांकन, बिना अधिग्रहण प्रक्रिया, बिना पूर्व सूचना तथा बिना भूमि स्वामी की सहमति के उसकी निजी कृषि भूमि में जबरन पानी की पाइपलाइन डाल दी गई। शिकायत के अनुसार दशरथ प्रजापत की स्वामित्व एवं आधिपत्य की कृषि भूमि सर्वे नंबर 257/2/2, रकबा 0.380 हेक्टेयर, ग्राम चटवाड़ा, तहसील देपालपुर में स्थित है, जिस पर वह विधिपूर्वक काबिज होकर वर्षों से कृषि कार्य करता आ रहा है, किंतु ठेकेदार द्वारा की गई इस अवैध कार्रवाई से उसकी लगभग 5 से 7 बिसवा भूमि नाले में समाहित होने की स्थिति बन गई है, जिससे खेत में जलभराव, भूमि की उर्वरता समाप्त होने, फसल सड़ने तथा दीर्घकालिक कृषि क्षति की गंभीर आशंका उत्पन्न हो गई है। तकनीकी दृष्टि से यह कार्य पूर्णतः नियमविरुद्ध माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी सड़क निर्माण परियोजना में भूमि सीमांकन, राजस्व अभिलेखों का सत्यापन, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक अनुमोदन, ड्रॉइंग अप्रूवल, साइट सुपरविजन और प्रभावित भूमि स्वामियों को विधिवत नोटिस जैसी प्रक्रियाएं अनिवार्य होती हैं, जिन्हें पूरी तरह दरकिनार करते हुए रातों-रात निजी भूमि में पाइपलाइन डालना न केवल तकनीकी अपराध की श्रेणी में आता है, बल्कि यह प्रशासनिक अराजकता और विभागीय निगरानी तंत्र की विफलता को भी उजागर करता है। यह प्रकरण केवल एक ठेकेदार की मनमानी तक सीमित नहीं है, बल्कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली, साइट निरीक्षण व्यवस्था और परियोजना पर्यवेक्षण प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है कि बिना सीमांकन निजी भूमि में निर्माण कैसे हुआ, बिना स्वीकृति यह कार्य किसके निर्देश पर किया गया, तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट कहां है और परियोजना अभिलेखों में भूमि उपयोग की स्वीकृति दर्ज क्यों नहीं है। शिकायतकर्ता किसान ने प्रशासन से मांग की है कि उसकी भूमि में डाली गई अवैध पाइपलाइन को तत्काल हटाया जाए, भूमि की पूर्व स्थिति बहाल की जाए, दोषी ठेकेदार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं की आड़ में किसानों के भूमि अधिकारों की अनदेखी, तकनीकी नियमों की उपेक्षा और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, जो शासन-प्रशासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और विधिक व्यवस्था की वास्तविक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

सांसद कविता पाटीदार ने संसद में उठाया नर्मदा के संवर्धन एवं एकीकृत विकास नीति का मुद्दा

महू। राज्यसभा सांसद डॉ कविता पाटीदार ने संसद में नर्मदा नदी के संरक्षण, संवर्धन एवं एकीकृत विकास नीति का ज्वलंत मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि प्रदेश की जीवनदायिनी है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था व विश्वास का केंद्र भी है।

सांसद कविता पाटीदार ने नर्मदा के स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल स्वरूप को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह नदी अमरकंटक से अलीराजपुर तक प्रदेश के 15 जिलों से होकर गुजरती है। इन सभी जिलों में नर्मदा तट पर सुंदर एवं सुव्यवस्थित घाटों का निर्माण किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु नर्मदा परिक्रमा करते हैं। उनकी आस्था को ध्यान में रखते हुए घाटों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए नारी सशक्तिकरण की तर्ज पर पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

सांसद ने साबरमती रिवर्सन की तर्ज पर नर्मदा के लिए भी एकीकृत विकास नीति लागू करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि 15 जिलों में रिवर्सन व्यवस्था के माध्यम से गंदा पानी सीधे नर्मदा में न पहुंचे। प्रत्येक जिले में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएं, ताकि नर्मदा का जल स्वच्छ और अविरल बना रहे।

नर्मदा के विकास को लेकर उठाए गए इस मुद्दे पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष आर्य रामलाल प्रजापति, पूर्व संभागीय कार्यालय मंत्री विष्णु प्रसाद शुक्ला, सांसद प्रतिनिधि एडवोकेट मोहन सिंह रघुवंशी, मंडल अध्यक्ष मुकेश पाटीदार, महामंत्री किशोर पाटीदार, नगर महामंत्री पूनम चन्द केथवास, जीतमल वर्मा, विजय कविश्वर, जितेन्द्र पाटीदार, सरपंच रवि पाटीदार, सचिन पाटीदार, गजेन्द्र पाटीदार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने सांसद कविता पाटीदार को बधाई प्रेषित की।

महू क्षेत्र में अवैध मदिरा के विरुद्ध आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 10 प्रकरण दर्ज

महू। कलेक्टर महोदय जिला इंदौर शिवम वर्मा के आदेश एवं सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशानुसार बुधवार 05 फरवरी 2026 को जिला इंदौर में अवैध मदिरा के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई।

नियंत्रण कक्ष प्रभारी देवेश चतुर्वेदी एवं उप प्रभारी मनोज अग्रवाल के मार्गदर्शन में सहायक जिला आबकारी अधिकारी गोपाल यादव, सी के साहू एवं पवन टिकेकर के नेतृत्व में आबकारी स्टाफ द्वारा वृत्त महू क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई।

आबकारी टीम ने महू के भौंडिया तालाब, बंजारी, भाटखेड़ी सहित अन्य क्षेत्रों में कुल 10 स्थानों पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)क एवं 34(फ) के तहत 10 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए।

कार्रवाई के दौरान 210 लिटर हाथ भट्टी मदिरा एवं 1750 किलोग्राम महुआ लहान सैंपल लेकर मौके पर ही नष्ट किया गया। जप्त मदिरा, महुआ लहान एवं सामग्री का कुल बाजार मूल्य लगभग 2 लाख 17 हजार रुपए आंका गया है।

इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक बी डी अहिरवार, सुनील मालवीय, हरेंद्र घुरय्या, त्रिअंबिका शर्मा एवं कृतिका द्विवेदी की अहम भूमिका रही। वहीं आबकारी आरक्षक बद्री सिंह जमरा, हुकुम सिंह पंवार, बी डी बिरला, अरविंद शर्मा, निशा शेखावत, राशी सोलट, सावन सिसौदिया, हेमा धुर्वे, सीमा भूरिया, एलेन बघेल, विकास मंडलोई, विवेक कनाडे, संजय सिंगार एवं राहुल जामोद सहित अन्य स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।

मानपुर वन परिक्षेत्र मे सागवान तस्कर सहित पिकअप वाहन जब्त, चार आरोपी गिरफ्तार

महू। महू विकासखंड के मानपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सागवान की अवैध लकड़ी के परिवहन का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई मे एक पिकअप वाहन से सागवान की लकड़ी बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पिकअप वाहन के माध्यम से सागवान की कीमती लकड़ी का अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है, जो महू से केलौदा मार्ग होते हुए पीथमपुर की ओर जा रहा था। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम ने बताए गए स्थान पर नाकेबंदी की।

नाकेबंदी के दौरान पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 09 एएम 0758 को रोककर जांच की गई, जहां वाहन मे सागवान की लकड़ी पाई गई। मौके से चार आरोपियों को हिरासत मे लिया गया। साथ ही लकड़ी काटने के उपकरण भी जब्त किए गए है। वन विभाग द्वारा आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र मे लंबे समय से चल रही अवैध लकड़ी तस्करी और महू वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े हो गए है।

राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता : नीमच और महू ने सेमीफाइनल में बनाई जगह

महू। मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन एवं इंदौर जिला फुटबॉल संघ के संयुक्त तत्वावधान मे आयोजित राज्य स्तरीय पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ गुरूवार को रोमांचक मुकाबलों के साथ हुआ। उद्घाटन अवसर पर दो क्वार्टर फाइनल मैच खेले गए, जिनमे खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया।

खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने हेतु मुख्य अतिथि के रूप मे रामकिशोर शुक्ला (वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष), दिनेश शर्मा (पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं अध्यक्ष सर्व ब्राह्मण समाज महू) तथा शैलेन्द्र शुक्ला (समाजसेवी एवं रोटरी सदस्य) उपस्थित रहे। इस अवसर पर इंदौर जिला फुटबॉल संघ से जगदीशचंद खोड़े, अशोक पिल्ले, सुरेश डामोर, एस.एम सलीम, ओपी बाथम, गोपाल धवन, प्रवीण कांबले, शिवम शर्मा, अशोक डागर, सुरेश पाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

प्रतियोगिता के संयोजक नीरज शर्मा एवं अमित शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में नेशनल फुटबॉल क्लब महू ने मन फाइटर फुटबॉल क्लब रतलाम को 3-0 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वहीं दूसरे क्वार्टर फाइनल में ए. यूनियन फुटबॉल क्लब नीमच एवं आदिवासी यूनाइटेड फुटबॉल क्लब इंदौर के बीच मुकाबला निर्धारित समय तक 0-0 से बराबरी पर रहा। इसके बाद हुए पेनल्टी शूटआउट मे ए. यूनियन फुटबॉल क्लब नीमच ने 5-4 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। मैच कमिश्नर की भूमिका आकाश पिल्ले ने निभाई। निर्णायकों के रूप में निखिल दीवार, शिवम नंदराज, गोविंद परमार, दीपक फुलपगारे, मनोज मोरने, गोलू वसुनिया एवं बचन सिंह मावी ने अपनी सेवाएं दी।

प्रदूषण के खतरे के बीच प्रशासन सख्त, दो कारखानों पर की गई कार्रवाई

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अपशिष्ट नदी-नालों में बहाने की शिकायत पर प्रशासन अलर्ट, नहीं दी गई अब अनुमति

महू। प्रशासन की स्पष्ट मनाही के बावजूद नेउगुराडियां पंचायत अंतर्गत महू-सिमरोल रोड स्थित नीलकंठ फैक्ट्री में कच्चे आलू से चिप्स निर्माण किया जा रहा था। शिकायत मिलने पर नायब तहसीलदार राधावल्लभ धाकड़ के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर पहुंच फैक्ट्री का निरीक्षण किया और बिना अनुमति संचालन पाए जाने पर फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक सुधांशु अग्रवाल से अनुमति पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेजों के परीक्षण के पश्चात आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी तहर ग्राम भागेरा रोड़ पर रोशन सैनी द्वारा आलु चिप्स का कारखाना संचालित कर दुषित अपशिष्ट को खुले में बहाया जा रहा था। शिकायत पर टीम ने कार्रवाई करते हुए कारखाने को तत्काल बंद कराया।

उल्लेखनीय है कि महू जनपद अंतर्गत ग्राम कोदरिया, नेउगुराडियां एवं आसपास के क्षेत्रों में प्रतिवर्ष फरवरी से जून तक चार माह के लिए अस्थाई आलू चिप्स कारखाने संचालित किए जाते हैं। इन कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट को सीधे नदी-नालो में बहा दिया जाता है, जिससे दर्जनभर गांव गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। पानी काले गाढ़े गाद में तब्दील हो जाता है, दुर्गंध फैलती है, नलकूप दूषित हो जाते हैं और जलजीवों के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इन हालातों को देखते हुए इस वर्ष प्रशासन द्वारा अब तक किसी भी आलू चिप्स कारखाने को संचालन की अनुमति नहीं दी गई है।

जनपद ने पंचायत को दिए सख्त निर्देश
जनपद पंचायत महू ने 7 जनवरी को ग्राम पंचायत कोदरिया के सरपंच सतीष डॉवर, सचिव दयाशंकर आर्य एवं उपयंत्री सविता झरवड़े को पत्र जारी कर निर्देश दिए कि पंचायत क्षेत्र में संचालित सभी आलू चिप्स कारखानों में अपशिष्ट जल शोधन हेतु पृथक और प्रभावी ट्रीटमेंट प्लांट अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। यह भी स्पष्ट किया गया कि पूर्ण उपचार के बाद ही पानी का निष्कासन किया जाए। निर्देशों की अवहेलना या जनहानि की स्थिति में संबंधित कारखाना संचालक के साथ पंचायत स्तर पर भी व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।

अपशिष्ट निष्पादन की व्यवस्था शून्य
क्षेत्र में वर्षों से अस्थाई कारखाने संचालित हो रहे हैं, लेकिन अपशिष्ट निष्पादन की वैज्ञानिक प्रक्रिया कारखाना संचालकों द्वारा नहीं अपनाई जाती। खर्च से बचने के लिए दूषित अपशिष्ट खुले में बहा दिया जाता है, जिससे करीब 10 गांवों के हजारों लोग प्रभावित होते हैं। हर वर्ष निर्देश दिए जाने के बावजूद कारखाना संचालक नियमों की अनदेखी करते आए हैं। इंदौर के भागीरथपुरा जल कांड के बाद प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया है।

आलू और जलाउ लकड़ी का भंडारण जारी
कोदरिया सहित आसपास के क्षेत्र में 150 से अधिक अस्थाई कारखाने संचालित होते हैं। फरवरी की शुरुआत के साथ ही खेतों में अस्थाई ढांचे खड़े कर कच्चे आलू और जलाउ लकड़ी का भंडारण शुरू कर दिया गया है। प्रतिदिन छाटन आलू की बड़ी खेप क्षेत्र में पहुंच रही है। वहीं जलाउ लकड़ी के व्यापार में भी दलाल सक्रिय हैं। बताया जा रहा है कि बाहर से बिना टीपी जलाउ लकड़ी की गाड़ियां पहुंच रही हैं, एक टीपी पर दो से तीन गाड़ियों के आने की चर्चा है, जबकि वन विभाग की निगरानी फिलहाल कमजोर नजर आ रही है।

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गुरुकुल स्कूल के वार्षिक उत्सव में बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से मोहा मन

रंगीला प्रदेश | जीवन डोडिया

पीथमपुर। छत्रछाया कॉलोनी स्थित गुरुकुल स्कूल में वार्षिक उत्सव बड़े हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ की गई।

वार्षिक उत्सव में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज को जागरूक करने वाले संदेश दिए। बच्चों ने सिंदूर की महत्ता, पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सब पढ़े-सब आगे बढ़े एवं नैतिक शिक्षा जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

विद्यालय के डायरेक्टर राज पटेल ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि समाजसेवी पार्षद अशोक पटेल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष कविता प्रदीप द्विवेदी, राजकुमार रघुवंशी, जगमाल सिंह पवार, ललित पनिहार सहित अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए विद्यालय परिवार को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की डायरेक्टर प्रियंका राज पटेल ने किया। वार्षिक उत्सव ने बच्चों के आत्मविश्वास और संस्कारों को मंच प्रदान किया।

राष्ट्रीय सेवा योजना का एकदिवसीय शिविर गोद ग्राम खेड़ा में आयोजित

रंगीला प्रदेश | जीवन डोडिया

पीथमपुर। शासकीय महाविद्यालय पीथमपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा गोद ग्राम खेड़ा पीथमपुर में एकदिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद खत्री के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता बढाना एवं सामाजिक सरोकारों को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न जनहितकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें डिजिटल साक्षरता अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को ऑनलाइन सेवाओं एवं डिजिटल माध्यमों की जानकारी दी गई। साथ ही मतदाता जागरूकता अभियान के जरिए नागरिकों को अपने मताधिकार के महत्व से अवगत कराया गया। स्वच्छता की सेवा अभियान के अंतर्गत ग्राम में साफ सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। इसके अलावा एड्स जागरूकता से संबंधित जानकारी देकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग किया गया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवकों द्वारा नुक्कड नाटक के माध्यम से स्थानीय लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही SIR से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी ग्रामीणों को प्रदान की गईं, जिससे ग्रामीणों को सरकारी प्रक्रियाओं की समझ मिली।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर अरविंद सकवार द्वारा किया गया। शिविर को सफल बनाने में क्रीडा अधिकारी डॉ. दीपेश चंद्र पुरोहित का योगदान सराहनीय रहा। शिविर के माध्यम से स्वयंसेवकों ने सेवा, सहयोग और जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।

किशनगंज–महू ब्रिज निर्माण की तैयारी तेज, पेड़ों की कटाई शुरू

दुकानें व पुराना कैंटोनमेंट नाका हटेगा, आवागमन के लिए बनेगा बायपास

महू (आकाश राठौर)। किशनगंज–महू ब्रिज निर्माण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पुल निर्माण के लिए आवश्यक स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्र में पेड़ों की कटाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। सेतु निगम के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य में बाधा बन रही दुकानों तथा कैंटोनमेंट के पुराने नाके को भी हटाया जाएगा।


अधिकारियों ने बताया कि ब्रिज निर्माण के दौरान आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष यातायात व्यवस्था की जा रही है। इसके अंतर्गत किशनगंज पुल से पुराने नाका स्थल के मार्ग से एक वैकल्पिक बायपास रोड तैयार किया जाएगा, जिसे रेलवे ओवर ब्रिज के कोने पर जोड़ा जाएगा। इस बायपास मार्ग से निर्माण अवधि के दौरान वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा, जिससे कार्य भी बिना बाधा के पूरा हो सके।
प्रशासन एवं सेतु निगम द्वारा प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार सूचना दी जा चुकी है। वहीं दुकानों में व्यवसाय करने वाले व्यापारियों ने विधायक एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर अपने व्यवसाय को अन्य स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग भी रखी है।


उल्लेखनीय है कि किशनगंज–महू ब्रिज के निर्माण से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी तथा भविष्य में जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से कार्य की गति अत्यंत धीमी रही है। अब देखना यह होगा कि वर्तमान में जिस तेजी से तैयारियां की जा रही हैं, उसमें कोई रुकावट न आए और शीघ्र ही ब्रिज का निर्माण पूर्ण होकर जनता के लिए चालू हो सके।